Global News India Kulwinder Singh मुंबई के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रणजी ट्रॉफ़ी में उनके धुआंधार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे शॉ ने हाल के मैचों में ऐसा खेल दिखाया है कि क्रिकेट जगत में उनकी वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।पृथ्वी शॉ ने अपने ताज़ा रणजी मुकाबले में शतक जड़कर सभी को याद दिलाया कि उनमें अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता है। मुंबई की ओर से खेलते हुए शॉ ने शुरुआती ओवरों से ही आक्रामक रुख अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। उनकी पारी में शानदार चौके और छक्के शामिल थे, जिससे दर्शकों ने मैदान में खूब तालियां बजाईं।पूर्व भारतीय खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पृथ्वी शॉ ने खुद को एक बार फिर साबित कर दिया है। हालांकि टीम इंडिया में वापसी आसान नहीं होगी क्योंकि ओपनिंग स्लॉट में पहले से ही कई खिलाड़ी मौजूद हैं। शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा जैसे नामों के बीच जगह बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।पृथ्वी शॉ ने कहा था कि उन्होंने अपने खेल पर कड़ी मेहनत की है और अब वह सिर्फ प्रदर्शन से जवाब देना चाहते हैं। रणजी ट्रॉफ़ी उनके लिए खुद को फिर से साबित करने का सुनहरा मौका बन गई है। उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती में भी सुधार देखने को मिल रहा है।क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अगर शॉ घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार स्कोर करते रहते हैं, तो उनकी टीम इंडिया में वापसी तय है। चयन समिति भी युवा खिलाड़ियों को मौका देने के पक्ष में है, और अगर शॉ इसी फॉर्म में बने रहे, तो अगली सीरीज़ से पहले उन्हें टीम में देखा जा सकता है।पृथ्वी शॉ की यह पारी न केवल उनके करियर के लिए अहम है, बल्कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर हर वापसी संभव है। रणजी ट्रॉफ़ी में उनकी यह चमक शायद जल्द ही उन्हें फिर से नीली जर्सी में लौटा दे।