राजस्थान में निजी बस संचालकों के लिए अहम खबर सामने आई है। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निजी बसों की छतों पर लगे कैरियर और चढ़ने की सीढ़ियों को हटाने के सख्त आदेश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में नियमों की पालना नहीं हुई, तो 1 जनवरी से विशेष जांच अभियान चलाकर चालान काटे जाएंगे और जरूरत पड़ने पर बसों को सीज भी किया जाएगा।
पूरी रिपोर्ट
परिवहन विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार निजी बसों की छतों पर कैरियर लगाने और छत पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां रखने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद लंबे समय से कई निजी बसों में खुलेआम इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। अब विभाग ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।
विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों, बस मालिकों और चालकों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस अवधि में बसों की छतों से कैरियर और चढ़ने की सीढ़ियां पूरी तरह हटानी होंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही थी, खासकर लंबी दूरी की यात्रा में।
दरअसल, मोटर वाहन अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के तहत बसों की छत पर यात्रियों या सामान को इस तरह ले जाना प्रतिबंधित है। रोडवेज बसों में यह नियम पहले से लागू है, लेकिन निजी बसों में इसकी अनदेखी की जा रही थी। कई मामलों में बसों की छत पर सामान लादा जाता था और यात्री भी ऊपर चढ़ते नजर आते थे, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
ताजा अपडेट
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि 1 जनवरी से विशेष जांच अभियान शुरू किया जाएगा। जो बसें नियमों का पालन नहीं करती पाई गईं, उनके खिलाफ मौके पर चालान काटा जाएगा। गंभीर मामलों में बसों को सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
निजी बस संचालकों के लिए यह चेतावनी आखिरी मौका मानी जा रही है। अगर तय समय में कैरियर और सीढ़ियां नहीं हटाई गईं, तो आर्थिक नुकसान के साथ-साथ बसों का संचालन भी प्रभावित हो सकता है। परिवहन विभाग का साफ संदेश है — नियमों का पालन करें, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, तभी सड़कें सुरक्षित बनेंगी।