नई दिल्ली। Global News India कुलविंदर सिंह परिवहन विभाग ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसते हुए सख्त प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। विभाग का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार और सरकारी राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाल ही में चलाए गए इस विशेष अभियान में एक ही रात में 100 से अधिक बसों के चालान किए गए और करीब ₹2.72 लाख का जुर्माना वसूला गया।अभियान के दौरान विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों ने देर रात तक सड़कों पर निरीक्षण किया। निजी बसों, क्लस्टर बसों और अनुबंधित वाहनों की गहन जांच की गई। कई बस चालकों को बिना परमिट, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में पकड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके।परिवहन मंत्री ने कहा कि विभाग सड़कों पर अनुशासन कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू की जा रही है। हर चालक और वाहन मालिक को यह समझना होगा कि नियम तोड़ने की कीमत अब भारी पड़ेगी। वहीं, उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग जिम्मेदारी से करें और यातायात नियमों का पालन करें।इस अभियान में सबसे अधिक चालान उन बसों के किए गए जो बिना उचित अनुमति के यात्रियों को ढो रही थीं। कई बसों में यात्रियों की संख्या अनुमत सीमा से अधिक पाई गई। कुछ ड्राइवरों ने लाइसेंस व दस्तावेज़ दिखाने से भी इनकार किया, जिसके चलते तत्काल कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग ने बताया कि ऐसे मामलों में वाहन जब्त करने और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।राजधानी में लगातार बढ़ते यातायात और दुर्घटनाओं के मामलों को देखते हुए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जब से यह कार्रवाई शुरू हुई है, सड़कों पर नियम पालन को लेकर चालक और वाहन मालिक अधिक सतर्क हो गए हैं। इससे न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है, बल्कि अवैध संचालन पर भी काफी हद तक लगाम लगाई जा सकेगी।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कदम सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होंगे। जुर्माने से प्राप्त राशि को सड़क सुरक्षा अभियानों, यातायात प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नई तकनीक लाने में उपयोग किया जा सकता है।परिवहन विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में प्रवर्तन प्रक्रिया को डिजिटल मोड में और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। मोबाइल एप और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) तकनीक का उपयोग करके नियम तोड़ने वालों की पहचान तुरन्त की जाएगी।इस अभियान से एक स्पष्ट संदेश गया है कि सरकार अब सड़क नियमों के पालन को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। विभाग का दावा है कि यह अभियान अब राज्य भर में नियमित रूप से चलेगा और इसका उद्देश्य हर नागरिक की सुरक्षा, सुविधाजनक यात्रा और सुगम ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।