जयपुर। शहर में फर्जी बस संचालन के मामले ने लोगों को चौंका दिया है। विद्याधर नगर थाना क्षेत्र में एक फर्जी बस पकड़ी गई, जो बिना अनुमति और गलत पंजीकरण के चल रही थी। पुलिस ने इस मामले में बस मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटना के अनुसार, जयपुर ट्रैफिक पुलिस को शिकायत मिली थी कि शहर में एक निजी बस गलत नंबर प्लेट लगाकर यात्रियों से किराया वसूल रही है। जांच के बाद पता चला कि बस पर जो रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा गया है, वह किसी और वाहन का है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर लिया और चालक से पूछताछ शुरू की।विद्याधर नगर थाना अधिकारी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि बस मालिक ने फर्जी तरीके से बस को रजिस्ट्रेशन दिखाकर सड़क पर उतार दिया था। इस बस में रोजाना कई यात्री सफर करते थे, जिससे आम जनता की सुरक्षा को खतरा था। पुलिस ने बस मालिक पर धारा 420, 467 और 468 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जयपुर शहर में फर्जी बस या बिना वैध परमिट के चल रही गाड़ियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत हर बस की जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या नियम उल्लंघन पर रोक लगाई जा सके।स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि फर्जी बसें यात्रियों की जान जोखिम में डालती हैं और सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसी बसों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।जयपुर ट्रैफिक विभाग ने जनता से अपील की है कि वे यात्रा करते समय बस के रजिस्ट्रेशन नंबर और परमिट की जानकारी जरूर जांचें। यदि किसी संदिग्ध बस की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।यह मामला जयपुर प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाओं की निगरानी को और मजबूत किया जाए, ताकि नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें और असली-नकली बसों का भेद आसानी से पहचान सकें।