पंजाब कीराजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों ने तूफान ला दिया है। कांग्रेस से सस्पेंड की गईं पूर्व सांसद नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी पर जमकर हमला बोला और कथित तौर पर मुख्यमंत्री पद की सौदेबाजी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों ने न सिर्फ कांग्रेस के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को भी पिछली सरकारों पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।
रिपोर्ट
हालियाघटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस से सस्पेंड कर दिया गया। इसके जवाब में सिद्धू ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “किसी भ्रष्ट अध्यक्ष” के साथ काम नहीं कर सकतीं। उन्होंने पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चलने वाली कथित सौदेबाजी का भी जिक्र किया।
इस मौके का फायदा उठाते हुए आम आदमी पार्टी ने हमला बोल दिया। पंजाब के वित्त मंत्री और आप नेता हरपाल सिंह चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को इन आरोपों पर 24 घंटे के भीतर जवाब देने की चुनौती दी।
चीमा ने सिद्धू और पूर्व कांग्रेसी नेता (अब भाजपा में) सुनील जाखड़ के पुराने बयानों को दोहराते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सिद्धू ने कप्तान अमरिंदर सिंह पर 500 करोड़ रुपये देकर मुख्यमंत्री पद हासिल करने का आरोप लगाया था, वहीं जाखड़ ने चरणजीत सिंह चन्नी पर 350 करोड़ रुपये का ऐसा ही आरोप लगाया था। चीमा ने सवाल उठाया कि जब ये नेता कांग्रेस में थे तब चुप क्यों थे और पार्टी बदलने के बाद ही बोल रहे हैं।
यह विवाद अचानक नहीं,बल्कि पंजाब की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि में उपजा है। आप नेता हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि 1997 से 2022 तक राज्य पर शासन करने वाली पार्टियों (कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल-भाजपा) के चरित्र और आचरण को अब उनके ही पूर्व सदस्य उजागर कर रहे हैं। आप सरकार लगातार यह दावा करती आई है कि पिछली सरकारों के कारण पंजाब रेत, शराब, ट्रांसपोर्ट माफिया और नशे के कारोबार जैसी समस्याओं से जूझ रहा था।
इस घटनाक्रम केबाद पंजाब की सियासत में निम्नलिखित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
· आप सरकार का रुख: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोपों को पिछली सरकारों की “लूट की प्रणालीगत व्यवस्था” बताया। उन्होंने दावा किया कि आप सरकार के आने से ही इस भ्रष्टाचार का असली चेहरा उजागर हुआ और राज्य में अब ज़मीन व ट्रांसपोर्ट घोटाले नहीं हैं।
· विपक्षी प्रतिक्रियाएं: भाजपा ने भी आप सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के महामंत्री राकेश राठौर ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था का पतन हो रहा है, वित्तीय हालात बिगड़े हैं और नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है।
· कांग्रेस का स्टैंड: नवजोत कौर सिद्धू के बयानों के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, आप के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
नवजोत कौर सिद्धूके आरोपों ने पंजाब राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक नेता के सस्पेंशन से आगे बढ़कर पिछली सरकारों के कार्यकाल पर सवाल बन गया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, आप सरकार पिछली सरकारों पर लगातार हमला करके और विकास के अपने मॉडल को आगे रखकर इन आरोपों को राजनीतिक तौर पर कितना भुनाती है, यह भी राज्य की राजनीति का अगला अध्याय तय करेगा।
पद बेचने” के आरोपों पर सियासी युद्ध, सिद्धू के खुलासे से सियासत गरमाई
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