पंजाब के जालंधर में शुक्रवार सुबह एक पुलिसकर्मी के फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया। कमरे से सुसाइड नोट मिलने के बाद घटना गंभीर हो गई है। मृतक की पहचान रंजीत सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब पुलिस की कमांडो बटालियन में तैनात था।
रिपोर्ट
घटना जालंधर के एक निजी कमरे की है, जहां रंजीत सिंह शुक्रवार सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस के अनुसार, जब रंजीत ड्यूटी के लिए नहीं पहुंचा तो साथी जवान उसे देखने आए। कमरे का दरवाजा खोलने पर वह बेहोशी की हालत में फंदे से लटका मिला।
जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसकी असलियत की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच जारी है। परिजनों ने बताया कि रंजीत पिछले कुछ दिनों से तनाव में था, लेकिन परिवार को इसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं पता।
मृतक मूल रूप से पटियाला में तैनात था और कुछ समय से जालंधर में ड्यूटी पर था। पुलिस ने मौके से सभी सबूत जुटा लिए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पंजाब में पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव, लंबे शेड्यूल और निजी परेशानियां अक्सर ऐसी घटनाओं की वजह बनती हैं। पंजाब पुलिस विभाग भी समय-समय पर अपने कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन कार्यक्रम चलाता रहा है।
पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की जांच फॉरेंसिक टीम कर रही है। परिवार ने रंजीत की मौत के पीछे किसी दबाव या मानसिक तनाव की आशंका जताई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों में मानसिक स्वास्थ्य के सवाल को उजागर कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस विभाग इस मामले पर आधिकारिक रिपोर्ट जारी करेगा। वहीं, परिवार न्यायपूर्ण जांच और रंजीत की मौत की असल वजह सामने लाने की मांग कर रहा है।



