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कुलविंदर सिंह
उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के हुआ सड़क हादसा देश के लिए एक बड़ा अलर्ट बनकर सामने आया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य हो गई थी, जिसके चलते 19 वाहन आपस में टकरा गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए।
डिटेल रिपोर्ट
हादसा सुबह करीब 4 बजे मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ। बताया जा रहा है कि पहले एक बस ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे से आ रहे वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। हादसे में कई बसें, कारें और अन्य वाहन शामिल थे।
टक्कर इतनी तेज थी कि कुछ वाहनों में आग लग गई। कई यात्री अंदर ही फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कोहरा इतना घना था कि कुछ मीटर आगे भी दिखाई नहीं दे रहा था।
पुलिस और प्रशासन का बयान
पुलिस के अनुसार, 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य में दमकल विभाग और एंबुलेंस टीमों को लगाया गया।
बैकग्राउंड
हर साल सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत में कोहरे के कारण सड़क हादसे बढ़ जाते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे जैसे तेज रफ्तार मार्ग पर कोहरा और लापरवाही जानलेवा साबित होती है। इससे पहले भी यहां कई बड़े हादसे हो चुके हैं।
करंट अपडेट
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात बंद किया गया। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर रास्ता साफ किया गया। प्रशासन ने कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है।
निष्कर्ष
यह हादसा ड्राइवरों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कोहरे में तेज रफ्तार जानलेवा हो सकती है। सावधानी और नियमों का पालन ही ऐसे हादसों को रोक सकता है।



